रावण के साथ कॉकरोच का पुतला जलाने पर विवाद, पुलिस के दखल के बाद बदला नाम; सहारनपुर में अभिजीत दीपके के पुतले की तैयारी

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दशहरे पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के साथ 30 फुट ऊंचा कॉकरोच का पुतला जलाने की तैयारी को लेकर विवाद हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद आयोजकों ने पुतले का नाम बदलकर ‘भ्रष्टाचार’ कर दिया। वहीं, सहारनपुर में दशहरे के मौके पर कथित जातिवाद कानून के विरोध के साथ सीजेपी नेता अभिजीत दीपके का पुतला जलाने की तैयारी की गई है।

मुजफ्फरनगर के नुमाइश मैदान में दशहरे के लिए रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतले तैयार किए गए थे। इनके साथ 30 फुट ऊंचा एक अन्य पुतला भी बनाया गया था, जिस पर ‘कॉकरोच’ लिखा था। इन पुतलों को ऋषिकेश से आए कारीगरों ने तैयार किया था।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल होने के बाद पहुंची पुलिस

सोमवार दोपहर करीब दो बजे पुतलों की तस्वीरें और उनसे जुड़ी खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगीं। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद टीम ने आयोजकों से बातचीत की।

एसएसपी सूरज कुमार राय ने कहा कि दशहरा धार्मिक आयोजन है और इसमें राजनीतिक बातें नहीं होनी चाहिए। इसके बाद सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे आयोजकों ने पुतले पर लिखे ‘कॉकरोच’ नाम को हटाकर उसकी जगह ‘भ्रष्टाचार’ लिख दिया।

पुलिस ने कहा- किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई

एसएसपी सूरज कुमार राय के मुताबिक, इस मामले में किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। आयोजकों ने स्वयं ही पुतले का नाम बदल दिया था।

श्रीराम सेवा दल के कोऑर्डिनेटर विशाल डूमडा ने बताया कि विजयादशमी पर पहले भी कोविड महामारी, भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसी समस्याओं के प्रतीकात्मक पुतले जलाए जा चुके हैं। हालांकि, आयोजक मंडल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का नाम सीधे तौर पर लेने से बच रहा है।

सहारनपुर में कथित जातिवाद कानून के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी

उधर, सहारनपुर में राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ ने दशहरे पर कथित ‘जातिवाद कानून’ का पुतला जलाने का ऐलान किया है। संगठन की योजना के मुताबिक, कार्यकर्ता हकीकतनगर स्थित रामलीला मैदान से पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट तिराहे तक पहुंचेंगे। यहां पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराने की तैयारी है।

इसके अलावा गोविंदनगर में आयोजित दशहरा महोत्सव के दौरान अभिजीत दीपके का पुतला जलाने की भी तैयारी की गई है। इस तरह मुजफ्फरनगर में पुतले के नाम को लेकर हुए विवाद और सहारनपुर में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों के चलते इस बार दशहरे के आयोजन चर्चा में हैं।

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